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मंगलवार, 19 नवंबर 2024

शादी में क्या-क्या होती है?, Shaadi Kiya hoti hai?, Shaadi | शादी

शादी एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें दो व्यक्तियों के साथ-साथ उनके परिवार और दोस्तों का भी जुड़ाव होता है। भारत और अन्य देशों में शादी के रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं। यहाँ पर सामान्य रूप से शादी में होने वाली गतिविधियों और रस्मों का विवरण दिया गया है:



1. शादी से पहले की रस्में:

रिश्ता तय करना (Engagement): इस दौरान दोनों परिवारों के बीच शादी की बात तय की जाती है और अंगूठी पहनाई जाती है।

हल्दी समारोह: हल्दी का लेप दूल्हा और दुल्हन को लगाया जाता है ताकि उनकी त्वचा चमकदार और पवित्र हो।

संगीत/मेहंदी: गाने-बजाने और डांस के साथ उत्सव मनाया जाता है। मेहंदी की रस्म में दुल्हन और अन्य महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगाती हैं।

कॉकटेल/रिसेप्शन (कुछ शादियों में): परिवार और दोस्तों के साथ पार्टी।

2. शादी के दिन की रस्में:

बारात: दूल्हे का परिवार और दोस्त नाचते-गाते हुए दुल्हन के घर या वेडिंग वेन्यू तक जाते हैं।

जयमाला: दूल्हा और दुल्हन एक-दूसरे को फूलों की माला पहनाते हैं।

फेरे: अग्नि के चारों ओर दूल्हा-दुल्हन सात फेरे लेते हैं, प्रत्येक फेरे का अपना महत्व होता है।

कन्यादान: दुल्हन के माता-पिता अपनी बेटी को दूल्हे को सौंपते हैं।

सिंदूर और मंगलसूत्र: दूल्हा दुल्हन की मांग में सिंदूर भरता है और मंगलसूत्र पहनाता है।

3. शादी के बाद की रस्में:

विदाई: दुल्हन अपने माता-पिता का घर छोड़कर दूल्हे के घर जाती है।

गृह प्रवेश: दूल्हा-दुल्हन को उनके नए घर में स्वागत किया जाता है।

रिसेप्शन: शादी के बाद एक पार्टी का आयोजन किया जाता है जिसमें दोनों परिवार और दोस्त शामिल होते हैं।

4. शादी में होने वाली अन्य चीजें:

खाना-पीना: शादी के दौरान शानदार भोजन और मिठाइयों का आयोजन होता है।

फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी: शादी के पलों को यादगार बनाने के लिए।

पारंपरिक गहने और कपड़े: दूल्हा-दुल्हन और परिवार के अन्य सदस्य भव्य परिधान पहनते हैं।

शादी का आयोजन संस्कृति, धर्म और परंपराओं के आधार पर भिन्न हो सकता है, लेकिन हर शादी में खुशी, उत्साह और प्रेम का माहौल होता है।

शनिवार, 26 अक्टूबर 2024

धनतेरस का महत्व किया है , धनतेरस क्या है?, tommy robinson , dhanteras date 2024

धनतेरस हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जो दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है । इसे दिवाली भी कहा जाता है।धनत्रयोदशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है।भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है , जो स्वास्थ्य और धन की देवी हैं।

dhanteras


Importance of Dhanteras

धनतेरस का दिन स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व है। इसे धन और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है ।

परंपरा और रीति रिवाज:

1. Shopping on Dhanteras:

इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य मूल्यवान वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। लोग इसे अपने घर में धन और समृद्धि के आगमन का प्रतीक मानते हैं।

कई लोग इस दिन नए कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन भी खरीदते हैं।

2. पूजा विधि:

शाम को लक्ष्मी पूजा और कुबेर पूजा की जाती है । पूजा के लिए मिट्टी के दीयों का उपयोग किया जाता है और घर के दरवाजे और आंगन में दीपक जलाए जाते हैं।

परिवार भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर का आह्वान करता है और उन्हें हल्दी, चावल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करता है।

3. स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती की कामना:

धन्वंतरि को चिकित्सा का देवता माना जाता है, इसलिए लोग इस दिन अपने और अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं।

4. दीप प्रज्वलित करना:

लोग अपने घरों के आंगन और प्रवेश द्वार पर दीपक जलाते हैं ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाए और घर में सकारात्मकता बनी रहे।


Dhanteras in 2024

वर्ष 2024 में धनतेरस 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा । इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:30 बजे से रात 8:12 बजे तक है।

धनतेरस पर शुभ वस्तुएं खरीदने और पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और धन आता है।


गुरुवार, 24 अक्टूबर 2024

लॉरेंस बिश्नोई कौन है? || लॉरेंस बिश्नोई की पुरी कहानी, Laurens kon hai



 लॉरेंस बिश्नोई एक कुख्यात अपराधी और गैंगस्टर है, जो विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, और राजस्थान में सक्रिय है। उसके अपराधों का एक लंबा इतिहास है, जिसमें हत्या, फिरौती, अवैध हथियारों का व्यापार और संगठित अपराध शामिल हैं। बिश्नोई के बारे में मुख्य रूप से निम्नलिखित अपराधों के लिए जाना जाता है:

1. मूसेवाला की हत्या की साजिश:

लॉरेंस बिश्नोई का नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में प्रमुख रूप से सामने आया। बिश्नोई गैंग ने मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली, और इसे उनके विरोधी गायक के खिलाफ बदले की कार्रवाई बताया गया। लॉरेंस बिश्नोई का कहना था कि मूसेवाला ने उनके गैंग के सदस्य की हत्या में शामिल लोगों का समर्थन किया था।

2. बाबा सिद्दीकी हत्तिया कांड :

बाबा सिद्दीकी की हत्तिया के पीछे लॉरेंस बिश्नोई की गैंग का ही हांथ है और इस हत्तिया की जम्मेवारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ही ली है यह मुंबई में लॉरेंस गैंग सबसे बड़ा टारगेट आजतक का था बाबा सिद्दीकी मुंबई के एक बड़े नेता थे |

3. फिल्म अभिनेता सलमान ख़ान को धमकी:

लॉरेंस बिश्नोई ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। यह धमकी उसने काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी थी, जिसमें सलमान खान आरोपी थे। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है, और इसी कारण लॉरेंस ने सलमान को निशाना बनाने की धमकी दी।

4.गैंगस्टर नेटवर्क और क्राइम सिंडिकेट:

बिश्नोई का अपराध साम्राज्य पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में फैला हुआ है, और वह कई गैंगस्टर्स के साथ गठजोड़ में रहा है। उसका गैंग फिरौती और अन्य प्रकार के संगठित अपराधों में शामिल है।

5. फिरौती और हत्या के मामले:

लॉरेंस बिश्नोई का नाम कई हत्या और फिरौती के मामलों में भी सामने आया है। उसकी गैंग द्वारा व्यापारियों, राजनेताओं, और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों से फिरौती की मांग की जाती है। वह अपने विरोधियों को जान से मारने में भी पीछे नहीं हटता।

6. अवैध हथियारों का व्यापार:

लॉरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग अवैध हथियारों के व्यापार में भी शामिल हैं। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में उसके गैंग से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं।

बिश्नोई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसने जेल के अंदर से भी अपने अपराध साम्राज्य को संचालित करना जारी रखा है। उसका नेटवर्क इतना बड़ा और संगठित है कि वह जेल में होते हुए भी अपने गैंग को सक्रिय रखता है।

सोमवार, 21 अक्टूबर 2024

ias officer || ias study material || ias exam notes || ias interview preparation || UPSC मुफ्त में किताबें प्राप्त करे यहां से , 12वीं के बाद आईएएस कैसे बने

IAS (Indian Administrative Service) की तैयारी के लिए मुफ्त में किताबें प्राप्त करने के कुछ तरीके निम्नलिखित हैं:



ऑनलाइन लाइब्रेरी और ई-बुक्स:
Project Gutenberg: यहां आप कई फ्री ई-बुक्स पा सकते हैं। इसमें कुछ सामान्य अध्ययन के लिए उपयोगी किताबें भी शामिल हो सकती हैं।
Open Library: यह एक ऑनलाइन लाइब्रेरी है जहाँ आप विभिन्न विषयों पर किताबें मुफ्त में पढ़ सकते हैं।
Google Books: यहां आप कई किताबों के पूर्वावलोकन देख सकते हैं, और कुछ किताबें पूरी तरह से मुफ्त में उपलब्ध हो सकती हैं।

निःशुल्क ऑनलाइन पुस्तकालय और वेबसाइट्स:

NCERT Books (ncert.nic.in): IAS परीक्षा के लिए NCERT की किताबें बहुत महत्वपूर्ण हैं। आप NCERT की किताबें आधिकारिक वेबसाइट से PDF फॉर्मेट में मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

IGNOU eGyankosh (egyankosh.ac.in): IGNOU के अध्ययन सामग्री से भी आप मुफ्त में सामग्री प्राप्त कर सकते हैं, जो सिविल सर्विस परीक्षा के लिए उपयोगी हो सकती है।

Open Government Sites (e.g. epathshala.nic.in): सरकारी वेबसाइटों पर बहुत सारी अध्ययन सामग्री और किताबें मुफ्त में उपलब्ध होती हैं।

Telegram और अन्य फ्री ऐप्स:
Telegram पर विभिन्न IAS तैयारी समूह उपलब्ध हैं, जहां आप विभिन्न संदर्भ पुस्तकों, नोट्स और अन्य अध्ययन सामग्री को मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑनलाइन फोरम और ब्लॉग:
ForumIAS और Insights on India जैसी वेबसाइटों पर अक्सर मुफ्त अध्ययन सामग्री और ई-बुक्स साझा की जाती हैं।

यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफार्म:
बहुत से यूट्यूब चैनल्स (जैसे Unacademy, StudyIQ, और BYJU'S) पर वीडियो लेक्चर के साथ-साथ मुफ्त अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होती है।

शहर की लाइब्रेरियों और पुस्तकालयों:
आप अपने शहर के सार्वजनिक पुस्तकालयों से IAS परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तकें उधार ले सकते हैं। कई राज्यों में पुस्तकालयों में सरकारी परीक्षा की तैयारी के लिए समर्पित सेक्शन होते हैं।

इन सभी साधनों का उपयोग करके आप अपनी IAS परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त में अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।


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रविवार, 20 अक्टूबर 2024

करवा चौथ | करवा चौथ क्या है || करवा चौथ उत्तर और पश्चिम भारत में मनाया जाता है ,www.iasi.in.net



करवा चौथ: एक पावित्र पर्व

करवा चौथ एक पावित्र हिंदू पर्व है, जो मुख्यतः उत्तर और पश्चिम भारत में मनाया जाता है। इस दिन, विवाहित हिंदू महिलाएं अपने पति की भलाई और दीर्घायु के लिए एक दिन का उपवास करती हैं।

उपवास (व्रत)

करवा चौथ के दिन, महिलाएं सूर्योदय से चांदनी रात तक बिना पानी और भोजन के उपवास का पालन करती हैं। यह उपवास पति की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए समर्पित होता है।

सर्गी (सर्गी)

सुबह के समय, महिलाएं अपने घरों में सर्गी तैयार करती हैं, जिसमें फल, सूखे मेवे, दूध और अन्य ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। यह सर्गी विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है और दिन की शुरुआत में खाई जाती है।

श्रृंगार

महिलाएं दिन में नए कपड़े पहनकर, मेहंदी लगाती हैं और अलंछन करती हैं, जिससे उनकी शादीशुदा जिंदगी की खुशी और समृद्धि का प्रतीक मिलता है।

पूजा और कथा

शाम के समय, महिलाएं पूजा करती हैं और करवा चौथ की कथा सुनती हैं, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश की उपासना शामिल होती है। यह पूजा पति की भलाई और परिवार की सुख-शांति के लिए की जाती है।

चांदनी रात में उपवास का समापन

चांदनी रात में, महिलाएं चांद को एक छलनी (सिव) के माध्यम से देखती हैं और फिर अपने पति के चेहरे पर नजर डालती हैं। इसके बाद, वे चांद को पानी में डालकर अपने प्यासे को बुझाती हैं, और पति उन्हें पानी और मिठाई खिला कर उपवास का समापन करते हैं।

उपहार और गिफ्ट

करवा चौथ के दौरान, सास-ससुर और रिश्तेदार महिलाएं एक-दूसरे को उपहार देती हैं, जैसे कि नए कपड़े, ज्वेलरी या अन्य मूल्यवान वस्तुएं, जिससे प्रेम और स्नेह का प्रतीक मिलता है।

यह पर्व न केवल पति-पत्नी के बीच के स्नेह को दर्शाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका और सम्मान को भी उजागर करता है।

मंगलवार, 29 अगस्त 2023

राकेश बंधन || रक्षाबंधन 2023 ||रक्षाबंधन एक परिवारिक हिन्दू त्योहार है || Rakesh bandhan ,raksha bandhan 2023 ,

 रक्षाबंधन एक परिवारिक हिन्दू त्योहार है जिसमें बहनें अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधती हैं और भाइयों को उन्हें उपहार देते हैं, और वे अपनी बहनों की रक्षा करने का प्रतिज्ञान देते हैं। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और आपसी संबंध का प्रतीक होता है।


रक्षा बंधन एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है जो भारत में मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और संबंध की महत्वपूर्णता का प्रतीक है। इसे हिन्दू पंचांग के श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो अक्सर जुलाई या अगस्त महीने में आता है।


इस दिन बहनें अपने भाइयों के कलाई पर एक राखी (प्रोटेक्टिव धागा) बांधती हैं, और भाइयाँ उन्हें उपहार देते हैं और उनकी सुरक्षा का प्रतिश्रुति देते हैं। इसके अलावा, बच्चों की ओर से बड़े वर्ग के लोगों के लिए यह एक परिवारिक समारोह भी होता है, जिसमें बड़े भाइयों को छोटे भाइयों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का पता चलता है और उनका आशीर्वाद दिया जाता है

रक्षा बंधन एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है जो भाई-बहन के प्यार और साथी बंधन की महत्वपूर्णता को मनाता है। यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो अक्सर जुलाई या अगस्त महीने में होता है।

रक्षा बंधन का मुख्य आयोजन तब होता है जब बहन अपने भाई के कलाई पर एक धागा या राखी बांधती हैं। इसके बाद, भाइयों का कर्तव्य होता है कि वे अपनी बहन को उपहार दें और उनके साथ एक प्रतिश्रुति दें कि वे हमेशा अपनी बहन की रक्षा करेंगे। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और आपसी समर्थन का प्रतीक होता है और इसे खुशी और उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

रक्षा बंधन का अर्थ होता है "रक्षा" (सुरक्षा) और "बंधन" (बंधन), जिसका अर्थ होता है कि बहन अपने भाई की सुरक्षा के लिए एक प्रकार की सुरक्षा बंधती हैं। इसे एक परम्परागत रूप से मान्यता दिलाने के लिए बड़े धूमधाम और धार्मिक आयोजन के रूप में मनाया जाता है, लेकिन यह भाई-बहन के सजीव और प्यार भरे संबंध को प्रमोट करने का मौका भी प्रदान करता है।

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